Thursday, 3 September 2020

गाय पर निबंध Essay on Cow in Hindi

गाय पर निबंध Essay on Cow in Hindi

गाय का मानव के जीवन में बहुत ज्यादा महत्व है। गाय को भारत में तो माता के रूप में पूजा जाता है इसीलिए इसे गाय माता भी कहा जाता है। भारत में ज्यादातर लोग गाय की पूजा भी करते हैं हिन्दू धर्म में तो गाय को पूजनीय माना जाता है

Essay on Cow in Hindi

गाय एक बहुत ही उपयोगी घरेलू पशु है। गाय का दूध बेहद फायदेमंद होता है ख़ास कर गाय के दूध को बच्चों के लिए उपयोगी आहार माना गया है। इसके इलावा गाय के दूध से मक्खन ,पनीर और दहीं बनाई जा सकती है। इसके इलावा गाय की खाद फसलों के लिए सबसे उतम मानी जाती है

गाय एक शाकाहारी पशु है जो सिर्फ घास -फूस जा हरा चारा आदि खाती है। जिसके बदले यह हमें ढेर सारा पौष्टिक तत्वों से भरपूर दूध देती है। भारत में ज्यादातर लोग गाय पालन का धंधा करते हैं। संसार भर में इनकी बहुत सारी किस्में पायी जाती हैं जो अपने आकार , रंग और स्वभाव से एक दुसरे से अलग हैं। गाय ज्यादातर सफेद और भूरे रंग में पायी जाती हैं।

भारत में गाय को माता के रूप में जाना जाता है और उसकी पूजा की जाती है। ऐसा माना गया है के गाय के शरीर में 33 करोड़ देवी -देवताओं का निवास है। गाय संसार के सभी जगहों में पायी जाती हैं ज्यादातर गाय भारत देश में मिलती हैं
औसतन गाय की उम्र 20 वर्ष तक होती है। लगभग 2 वर्ष की उम्र में गाय अपने पहले बछड़े को जन्म देती है। गाय के गर्भावस्था का समय 9 महीनों का होता है। गाय का गोबर फ़सलों के लिए बेहद लाभदायक माना गया है।

गाय पर निबंध Essay on Cow in Hindi

भारत में लोग गाय पालन का कारोवार करते हैं जिससे वह अपना जीवन यापन करते हैं। गोमूत्र पीने से कई प्रकार के रोग खत्म हो जाते हैं इसके गोमूत्र से कैंसर जैसी घातक बीमारी को भी खत्म किया जा सकता है। इसलिए भारत में गाय पालन का बड़ा ही महत्व है।

मरने के पश्चात गाय के चमड़े के जूते और इस की हड्डियों से कई प्रकार की सुंदर वस्तुएं और पाउडर बनाए जाते हैं। कई स्थानों पर गाय को इसके मांस के लिए मारा भी जाता है जो कि बहुत दयनीय है।
गाय की उम्र - गाय की आयु बीस वर्ष तक होती है। कई नस्ल की गाय की उम्र 25 वर्ष यह 15 वर्ष तक भी हो सकती है।

विदेशों में कुछ ऐसी नस्ल की गाय भी पाई जाती है जो भारतीर गाय से ज्यादा दूध देती है। उनका वजन भी ज्यादा होता है। उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली गाय शरीर के आकार में बड़ी होती है किंतु पंजाब और हरियाणा की गाय उत्तर प्रदेश की गाय की तुलना में ज्यादा दूध देने वाली होती है।

शास्त्रों में ऐसा भी वर्णित किया गया है कि यदि गौ माता की दिल से सेवा की जाए तो उसका पुण्य हजारों पुण्य के समान माना जाता है। ऐसा करने वालों को स्वर्ग की प्राप्ति भी होती है। गाय की सेवा से मानव की सभी प्रकार की मुश्किलें दूर हो जाती है।

गाय की दुर्दशा - जहां प्राचीन समय में ऋषि मुनियों ने गाय को इतना सम्मान दिया और उसे माता का दर्जा दिया वहीं आज के समय में गाय की दुर्दशा बहुत बुरी हो चुकी है इसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है आज ज्यादातर लोग जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो उसे घर से निकाल दिया जाता है जिस वजह से वह भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकती रहती है और उसकी हालत बहुत बुरी हो जाती है। ऐसा करना गाय के सम्मान को चोट पहुंचाने के बराबर है। दूसरी तरफ गाय का मांस भोजन के रूप में खाया जाता है जिस वजह से इसे मार दिया जाता है जो कि अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए गाय की रक्षा के लिए हमें सख्त कदम उठाने चाहिए था जो इसकी रक्षा की जा सके और इसके साथ होने वाले दुरव्यवहार को मिटाया जा सके। गाय को सम्मान देना और इसकी रक्षा करना हमारा फर्ज बनता है। सरकार को भी गाय के मारने पर दंडनीय अपराध घोषित करना चाहिए ताकि इन पर होने वाले अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।

प्राचीन ग्रंथों में भी गाय की महत्वता को दर्शाया गया है उनके अनुसार यदि गाय की दिल से सेवा की जाए तो मनुष्य को जन्नत की प्राप्ति होती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

जुगाली - गाय चारा खाने के बाद जुगाली करती है अर्थात खाने के बाद जे अपना मुंह चलाती रहती है जिसके मुंह से झाग सी निकलती रहती है। जिसे जुगाली कहा जाता है।

पूजा - गौ माता का दूध कई प्रकार के पवित्र कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है और इसके दूध से पूजा -अर्चना भी होती है। यह भारत के लगभग हर प्रान्त में पायी जाती है पंजाब , हरियाणा , राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा गायें पाली जाती हैं। गाय सुबह और शाम के समय दूध देती हैं जबकि कुछ प्रजातियां ऐसी भी हैं जो दिन में तीन वार भी दूध देती हैं। गाय का दूध नवजात शिशुओं के लिए काफी अच्छा माना जाता है क्योंकि यह आसानी से पचने वाला होता है। दुनियाभर में इसके दूध से कई स्वादिष्ट पकवान बनाये जाते हैं इससे पनीर और खोया तैयार किया जाता है।

पूंछ - गाय की एक सुंदर और लगभग 3 से 4 फीट लम्बी पूंछ होती है इसकी पूंछ के नीचले हिस्से पर बालों का गुच्छा होता है, जिससे वह अपने शरीर पर बैठने वाली मक्खियों और कीड़े -मकौडों को दूर भगाती हैं।
गाय डोमेस्टिक एनिमल है जिसे समाज में उच्च दर्जा हासिल है। लोग इसका पौष्टिक दूध लेने के लिए इसे अपने घरों में पालते हैं। नर गाय की बजाय मादा गाय का विशेष महत्व है। गाय का दूध पीने के अलावा इसकी प्रेयर और त्यौहारों में प्रयोग किया जाता है भगवान की प्रतिमा का अभिषेक करने के लिए इसके दूध का चढ़ावा दिया जाता है। गाय का बच्चा लगभग 6 महीनों तक अपनी मां का दूध पीता है और उसके पास रहता है। धीरे-धीरे वह भी गाय की तरह चारा खाना शुरू कर देता है।

गाय विभिन्न रंगों और आकार में होती है यह आमतौर पर ज्यादा घास खाना ही पसंद करती है। गाय का दूध पीने से शरीर स्वस्थ और मजबूत बनता है इसके अलावा इसके दूध के सेवन से कई तरह के संक्रमण से बचा जा सकता है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है। दूध का नियमित रूप से इस्तेमाल करने से याददाश्त (memory) मजबूत बनती है।

गाय का गोबर किसान अपने खेतों में खाद के रूप में डालते हैं जिससे खेती की पैदावार बढ़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों की औरतें गाय के गोबर से उपले बनाती है जिससे आग बाली जाती हैं। गांवों में ज्यादातर गाय पालने का धंधा किया जाता है जिस से बाहर रहने वाले लोगों का रोजगार चलता है। गोमूत्र एक ऐसा तरल पदार्थ है जिसका इस्तेमाल कई प्रकार की घातक बीमारियों को दूर करने वाली दवाओं में एक उपयोगी वस्तु के तौर पर किया जाता है। गोमूत्र से कैंसर जैसी घातक लाइलाज बीमारी को भी मिटाया जा सकता है। पुराने समय में जैसे ही गाय का बछड़ा बड़ा होकर बैल बनता उसे खेतों में हल में जोड़ लिया जाता था। जिससे वह खेती के कार्यों में बहुत उपयोगी सिद्ध होता था। किंतु आज यातायात के साधन आ जाने से अब बैल से बहुत कम काम लिया जाता है। भारत में गाय की लगभग 30 प्रजातियां मिलती है जैसे साहिवाल , थारपारकर, सिंधी, देवनी और गिरी आदि भारत की प्रसिद्ध गायों की नस्लें हैं। गाय के सुनने की शक्ति मनुष्यों से थोड़ी ज्यादा होती है।

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