Wednesday, 2 September 2020

Essay on Doordarshan in Hindi दूरदर्शन पर निबंध

Essay on Doordarshan in Hindi  - दूरदर्शन आज के युग का एक ऐसा साधन बन गया है जो मानव को मनोरंजन के साथ -साथ उसको शिक्षा भी देता है। दूरदर्शन हमें घर बैठे दूर -दूर की खबरें दिखाता है। दूरदर्शन की ख़ोज महान वैज्ञानिक जेम्स लोगी बेयर्ड द्वारा की गयी थी। इस ख़ोज से यह साबित हो गया के हम लाखों मीलों दूर बैठे किसी स्थान , खेलों , कलाकारों और अभिनेत्रों और अन्य घटनाओं को घर बैठे अपनी आंखों से देख सकते हैं।

Essay on Doordarshan in Hindi

Doordarshan Ke Labh (Advantages)

आज के युग में दूरदर्शन घर घर में चलाया जाता है। यह लोगों के जीवन का अटूट अंग बन चुका है। दूरदर्शन ने मानव जीवन को बेहद प्रभावित किया है। किन्तु हर चीज़ के फायदे भी होते हैं और कहीं न कहीं नुकसान भी होते हैं। यानि के विकास व विनाश। दूरदर्शन के अच्छे कार्यक्रमों का प्रभाव अच्छा पड़ता है जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है जो हमें जीवन में आगे बढने के लिए उत्साहित करते हैं।

दूरदर्शन सिर्फ समाचार का माध्यम ही नहीं है बल्कि यह तो मनोरंजन का अमूल्य साधन भी बन चुका है। दूरदर्शन आज के समय में शिक्षा के क्षेत्र में एहम भूमिका निभा रहा है। समय -समय पर ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों से विदार्थी घर घर बैठे लाभ उठा सकते हैं।

Disadvantages of Doordarshan (Nuksan)

यहां दूरदर्शन के अनेक लाभ हैं वहीँ इसके नुकसान भी हैं बच्चे और बड़े लगातार टीवी के आगे बैठे रहते हैं जिस कारण परिवार के सदस्यों का आपसी तालमेल कम होता जा रहा है। बच्चे ज्यादातर खेलने कूदने को छोड़कर दूरदर्शन के साथ ही चिपके रहते हैं। लोग फ़िल्मों आदि को देख उसके अनुसार ही अपना जीवन ढाल रहे हैं। क्राइम से सबंधित कार्यक्रम देख लोग अकसर अपराध करना शुरू कर देते हैं। लगातार दूरदर्शन के साथ चिपके रहने से स्वास्थ्य सबंधित समस्याएं होने लगती हैं।

देखा जाए तो दूरदर्शन का यहां पर कोई दोष नहीं है यह तो हमारे जीवन का अटूट अंग है यह तो इसे देखने वालों पर निर्भर करता है के वह अच्छे रास्ते को अपनाता है जा फिर बुरे को।

read - भालू की जानकारी


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