Thursday, 3 September 2020

Essay on Friendship in Hindi सच्ची मित्रता पर निबंध

Essay on Friendship in Hindi सच्ची मित्रता पर निबंध

  1. मित्र यानि दो शरीरों में एक ही आत्मा का वास - अरस्तु
  2. मित्रता करने में धीमे रहिये यानि धीरे - समझदारी से काम लें - बेंजामिन फ्रेंकलीन
  3. जो सभी का दोस्त होता है वह किसी का दोस्त नहीं होता - अरस्तु 
  4. मित्रता दर्शन की तरह , कला की तरह अनावश्यक लग सकती है इसका कोई अस्त्तिव मूल्य नहीं बल्कि यह उन चीज़ों में से एक है जो अस्तित्व को मूल्य देती है - सीएस लुईस
  5. मित्रता दो तत्वों से बनती है सच्चाई ओर कोमलता  - एम्सर्ण 
  6. मित्र ही जीवन का सबसे बड़ा वरदान है - युरिपीडीज 
आमतौर पर खून के रिश्ते या रोमांटिक रिश्ते जैसी, अहमियत दोस्ती के रिश्ते को नहीं दी जाती लेकिन सच यह है कि दोस्ती का रिश्ता इनसे कहीं बढ़कर होता है। क्योंकि बाकी रिश्ते भले ही हमें वंशानुगत मिले मजबूर में सब पार करने पड़ते हैं पर दोस्ती का रिश्ता हम खुद बनाते हैं। व्यवहार विशेषज्ञ समाजशास्त्रियों और मनोवैज्ञानिक का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में हम कम से कम एक दो मित्र ऐसे जरूर होने चाहिए जिससे वह अपने मन की हर बात शेयर कर सकें और अपने दुख सुख में शामिल में उन्हें शामिल कर सकें। कई अध्ययनों के नतीजे बताते हैं कि मित्रता सेहत के लिए अच्छी होती है विशेषता या मानसिक सुकून के लिए मित्रों का होना जरूरी है दूसरों पर यकीन करना उनकी मदद मार्गदर्शन और सपोर्ट करना या लेना दिल दिमाग और अंतर्मन के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

Essay on Friendship in Hindi


टेंशन में कारगर -

जब आप चिंतित और तनावग्रस्त रहते हैं तो आपको उस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत एक दोस्त की होती है क्योंकि आप अपने रिश्तेदारों परिवार के सदस्यों या जीवनसाथी को चाह कर भी अपने मन की हर बात खुलकर नहीं बता सकते दोस्ती सिर्फ भाजपा किशोरावस्था में ही नहीं बल्कि व्यस्क होने के बाद मध्य में और इसके बाद भी जरूरी है सच कहा जाए तो 40 वर्ष के बाद दोस्तों की जरूरत ज्यादा महसूस होती है जहां रिश्तेदार भाई बहन जमात आपके परिवार डांट फटकार जाओ परीक्षा का डर रहता है वहीं मित्रों से आपको अच्छी मदद और सपोर्ट मिलती है।

मिलता है सपोर्ट सिस्टम -

युवावस्था के बाद आपको बारीक और सामाजिक जिम्मेदारियां पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाती है शरीर में भी पहले वाली ऊर्जा नहीं रह जाती ऐसे मैं आपके सामने जब ढेर सारी चुनौतियां होती हैं तो उससे निपटने के लिए आपको एक दोस्त का साथ चाहिए होता है जो आपको सलाह दे सके डॉक्टर के यहां आपके साथ है जा सके और जरूरी भाग दौड़ में सहारा बनकर आपके साथ खड़ा हो सके इसके अलावा मन में उमड़ रहे भावनात्मक जबर भरोटा को शांत करने के लिए भी आपको मित्र की जरूरत होती है बड़ी हो चुकी संतान जो अपनी जिंदगी में बहुत हो चुके होते हैं उनसे आप ज्यादा कुछ कह नहीं सकते और ना ही अपेक्षा कर सकते हैं या नहीं बढ़ती उम्र में दोस्त नहीं हमारे सॉन्ग सपोर्ट सिस्टम साबित होते हैं।

समझते हैं मन की दशा -

आपका माता-पिता भाई-बहन भले ही आप के साथ हमेशा साथ रहते हैं लेकिन वह भी कई बार आपकी बात को इतनी गहराई से नहीं समझ पाते जैसे एक दोस्त समझा सकता है ना ही वह अवस्था में आपके बेटे बेटी आप की मनस्थिति को इतनी शिद्दत से सुन सकते हैं कारण उनकी उम्र और आपकी उम्र में अंतर होता है इसलिए आपको अपने हमउम्र मित्रों की जरूरत होती है जो आपका मन स्थिति को बेहतर समझ सकते हैं दोस्त लगातार आपके करीब रहने की वजह से आप कमजोरियों और क्षमताओं योग्यताओं के होते हैं जाहिर है मैं आपकी समस्याओं और उन दिनों को बेहतर तरीके से हैंडल कर सकते हैं।

कहने का सार यही है कि दोस्त हर किसी के लिए खास इसलिए होते हैं क्योंकि वह केवल बाहरी तौर पर ही नहीं भीतरी तौर पर भी हमें जानते समझते हैं इसलिए जीवन के हर मोड़ पर हमें उनसे संबल मिलता है
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Essay on Friendship 2

दोस्तों के साथ किसे मजा नहीं आता, जितना हम उनके साथ मौज -मस्ती कर सकते हैं या फिर खुल कर मन की बातें शेयर कर सकते हैं किसी के साथ नहीं कर सकते।  एक दोस्त ही ऐसा होता है जिससे हमारी कोई बात छुपी नहीं होती हमारी अच्छाई- बुराई सभी बातों से वह परिचित होता है हमारा सब आप समझते हुए हमें अपनी सही सलाह देता है सच्चा दोस्त वही है जो अच्छे -बुरे हर वक्त में हमारे साथ हो। हमारी कमियों की ओर ध्यान दिलाएं हमें सही गलत का आभास कराएं ताकि हमारा भला हो कोई नुकसान ना हो। बच्चों हम दोस्त की जो यह खुफिया बता रहे हैं क्या तुम्हें अपने दोस्तों में नजर आती हैं यह खुफिया सिर्फ तुम्हारे दोस्तों में ही नहीं तुम्हारे भीतर भी होनी चाहिए तुम्हें भी अपने दोस्तों की कसौटी पर हमेशा खरा उतरना चाहिए तुम सच्चा दोस्त तभी पाओगे जब स्वयं सच्चे दोस्त बनोगे कहते हैं ना कि ताली एक हाथ से नहीं बजती बच्चों दोस्ती को लेकर हम एक बात और कहेंगे जरूरी नहीं दोस्तों की संख्या बहुत ज्यादा हो दोस्त कम हो लेकिन गहरे और सच्चे हो सही अर्थों में दोस्त वही है जो मुसीबत में साथ खड़े हो मददगार बने खेलकूद मौज मस्ती में साथ देने के लिए तो ढेरों दोस्त मिल जाते हैं

लेकिन बुरे समय में जब हमें किसी का साथ पाने की जरूरत होती है तब दोस्त गायब रहे तो ऐसी दोस्ती किस काम की इसलिए दोस्तों की संख्या बढ़ाने में नहीं अच्छे दोस्त और सच्चे दोस्त बनाने में यकीन करो इस अंक की कहानी इतने इतने कितने दोस्त यही सीख देती है दूसरी कहानी चिड़िया की सीख' वही बात कहती है जो हमने शुरुआत में कहीं के दोस्त वही अच्छे हैं जो सही राह दिखा कर हमारा जीवन संवारते हैं उन्हें इस बात की चिंता नहीं रहती सही बात कहने पर दोस्त बुरा मान जाएगा हमारा  वेलविशर दोस्त ही सही माना जाएगा जो हमें हमारी कमियां बताकर सही राह पर चलने की सलाह दें इस फ्रेंडशिप डे पर हम तुमसे यही कहेंगे कि अपने सच्चे दोस्तों को पहचानो और स्वयं भी अच्छे सच्चे दोस्त बनो।

हैप्पी फ्रेंडशिप डे

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