Wednesday, 2 September 2020

Essay on importance of Discipline in Hindi | अनुशासन का महत्व पर निबंध

Essay on importance of Discipline in Hindi


Essay on importance of Discipline in Hindi | अनुशासन का महत्व पर निबंध

Types of Discipline in Hindi अनुशासन शब्द अनु तथा शासन इन दो शब्दों से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ है शासन का पालन करना। किसी कार्य को नियम से करना। नियमों का पालन भी दो प्रकार से पेश किया जा सकता है एक तो दंड के द्वारा तथा दूसरा खुद इच्छा से यह किसी पर जबरदस्ती थोपा नहीं जा सकता यह व्यक्ति के अंदर से पैदा होता है उस व्यक्ति को अपना कार्य करना कोई बोझ नहीं लगता। अनुशासन का मतलब होता है नियमों का सही ढंग से पालन करना। जबकि के दंड वाला जबरदस्ती थोपा जाता है किसी कार्य को करने के लिए मजबूर किया जाता है।

खेल के मैदान में अनुशासन: वह एक ऐसा गुण होता है जिसकी मानव को उसके जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यकता पड़ती है जैसे कि घर में अनुशासन का होना विशेष महत्व रखता है जैसे बड़ों का आदर करना छोटो से प्यार करना यही परिवार के अनुशासन के अभिन्न अंग माने जाते हैं। इसी प्रकार से खेल के मैदान में भी अनुशासन को परिभाषित किया जा सकता है इसका खेल के मैदान में भी विशेष महत्व रहता है जैसे कि खेल के मैदान में खिलाडी हमेशा अनुशासित होकर ही खेल खेले अर्थात खेल को खेल की भावना से ही खेला जाना चाहिए किसी दूसरे को हानि पहुंचाने के मकसद से खेला गया खेल सही मायने में खेल नहीं होता और ना ही उसमें अनुशासन की भावना होती है।

प्रकृति में अनुशासन : प्रकृति से हम अनुशासन की एक सच्ची शिक्षा हासिल कर सकते हैं जैसे सूरज और चंद्रमा अपने सही समय पर निकलते हैं और समय पर ही डूबते हैं इस प्रकार देखा जाए ऋतुएं भी समय पर आती है और समय पर जाती है। इनमें कभी भी आपको हेरफेर देखने को नहीं मिलेगा। जानवरों और पक्षियों में भी आप अनुशासन को देख सकते हैं पंक्तियों में उड़ते हुए पक्षी और कतार में चलती चींटियां हमें अनुशासन में रहने का संदेश देती है।

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व : जैसे के अनुशासन का हर क्षेत्र में विशेष महत्व होता है वैसे ही विद्यार्थी जीवन में भी अनुशासन का विशेष महत्व समझा जाता है अनुशासन के बिना तो विद्यार्थी जीवन कुछ नहीं माना जाता अनुशासन के बिना वह व्यर्थ है क्योंकि यदि  विद्यार्थी अनुशासन का पालन नहीं करेगा तो वह अपने जीवन में कभी भी सफलता नहीं हासिल कर सकता क्योंकि वे अनुशासन में रहकर ही अपनी शिक्षा हासिल कर सकता है छात्र जीवन में समय का सही पालन करना अपने गुरुओं की आज्ञा का पालन करना और समय पर पढ़ना आदि अनुशासन में ही आते हैं। किंतु आज का छात्र अनुशासन में ना रहकर अनुशासनहीनता का लगातार शिकार होता जा रहा है वह कुछ सुख सुविधाओं के चक्कर में आकर अनुशासनहीन होता जा रहा है। इसीलिए छात्रों में अनुशासन को पैदा करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि शिक्षा में सुधार किया जाना चाहिए पढ़ाई की ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि बच्चा शिक्षा को अपने शरीर का एक जरूरी अंग समझने लगे।

जिन्दगी का जरूरी अंग : अनुशासन हमारी जिंदगी का एक जरूरी अंग माना जाता है क्योंकि इसकी जिंदगी के हर क्षेत्र में जरूरत पड़ती है यदि वह अनुशासन का पालन नहीं करेगा तो वह जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाएगा। अनुशासन के सूत्र में संसार का कोना – कोना  बंधा पड़ा है अनुशासन का पालन करके ही तरक्की की जा सकती है। अनुशासन का पालन करने वाला मानव जल्दी सफलता हासिल कर लेता है वह बिना किसी रूकावट के आगे बढ़ता रहता है क्योंकि वह अनुशासन में रहकर अपना कार्य करता है इसीलिए अनुशासन का दूसरा नाम ही जीवन कहलाता है यह ऐसा फल होता है जो हमें कामयाबी के रास्ते पर पहुंचा देता है।

अनुशासन का पालन करना थोड़ा कठिन जरूर होता है किंतु इसको अपनाने के पश्चात इसका फल बहुत ज्यादा स्वादिष्ट होता है यही एक ऐसी डोर होती है जो हमें आसमान की बुलंदियों को छूने में सहायता करती है इसकी एक उदाहरण जैसे डोर के बिना पतंग आकाश में नहीं उड़ सकती उसी तरह अनुशासन का पालन के बिना आप जिंदगी में कामयाब नहीं हो सकते।

जिन महान लोगों ने अपनी जिंदगी में कामयाबी की बुलंदियों को छुआ है उन्होंने हमेशा अनुशासन में रहकर ही अपना कार्य किया यह जिंदगी की एक ऐसी कड़वी दवा है जिसका सामना करके ही हम सफलता हासिल कर सकते हैं। जहां अनुशासन नहीं है वह जीवन भी नहीं जैसे सूरज समय पर उगता है मौसम समय पर बदलते रहते हैं वह भी अनुशासन में रहकर ही बदलते हैं किंतु अगर वह सभी अपना अनुशासन तोड़ दे तो क्या हमारी धरती जीने लायक रहेगी बिल्कुल नहीं यह बात तो हम सब प्राणियों पर भी लागू होती है कि किस तरह हम अनुशासन में रहकर बड़ी से बड़ी कठिनाइयों का सामना आसानी से कर सकते हैं।

अनुशासन हमें जीने का सलीका सिखाता है इसके साथ साथ हैं ये हमारे अंदर समझदारी और धैर्य को भी उत्पन्न करता है जो कि जिंदगी के लिए बेहद जरूरी होते हैं इसीलिए हमें आज से ही अनुशासन में रहने की आदत डालनी चाहिए क्योंकि यह जिंदगी का जरूरी तत्व है।

अनुशासन से दैनिक जीवन में सुधार होने लगता है इससे मानव में अच्छे गुणों का विकास होता है और उसे किसी भी कार्य को करने की शक्ति तथा प्रेरणा मिलती है अनुशासन तो जीवन में ऐसा रस उतपन्न करता है जिस से मानव जीवन का विकास होता है। अनुशासन का होना जिंदगी के हर क्षेत्र में बहुत जरूरी होता है फिर चाहे वह परिवार हो , छात्र जीवन , समाज जीवन एवं राष्ट्र जीवन हो यह दुनिया के हर क्षेत्र का जरूरी तत्व तथा प्राण है।

अनुशासनहीनता : जिस क्षेत्र में अनुशासन का पालन नहीं होता वहां कभी उन्नति और खुशहाली नहीं हो सकती इसके इलावा यदि अनुशासन को अपनाया जाए तो इससे नैतिकता के गुण पनपने लगते हैं। अनुशासन से हमारे अंदर प्रेम , सहनशीलता , तप , त्याग , दया , क्षमा करना जैसे गुण विकसित होते हैं।

संदेश : कोई देश तभी एक विकसित और खुशहाल देश कहला सकता है यदि उस देश के नागरिक अनुशासित हों , चरित्रवान हों एवं संस्कारवान हों यदि बचपन से ही मानव को इन गुणों की शिक्षा दी जाए तभी वह आगे जाकर इन गुणों का सही पालन कर सकता है।

आईये दोस्तों हम आज से ही अनुशासित जीवन जीने का संकल्प लें और दूसरों को भी अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित करें।

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