Wednesday, 2 September 2020

जल संरक्षण पर निबंध | Essay on Jal Sanrakshan in Hindi

जल संरक्षण पर निबंध | Essay on Jal Sanrakshan in Hindi

Essay on Jal Sanrakshan in Hindi

जल का उपयोग :
जल है तो जीवन है इसकी कहानी उतनी ही दिलचस्प है जितनी प्रकृति की इतिहास साक्षी है कि विश्व की प्राचीन सभ्यताएं जल के प्रमुख साधन नदियों के किनारे पनपी इस प्रकार जल जीवन का आधार है हम भले ही भोजन के बिना दिन गुजार लें, परंतु पानी के बिना गुजारा संभव नहीं है जल के महत्व को सदा ही सब जगह माना गया है

प्राचीन समय में पाश्चात्य देशों में टब में नहाने की परंपरा रही है भारत में भी ऐसी पद्धति के अंतर्गत कपड़ों के ऊपर बैठकर ऐसे स्थान पर नहाया जाता था जहां से नहाने के बाद पानी बहकर पेड़ -पौधों में चला जाता था गांव कस्बों में पानी की दो श्रेणियां बना रखी थी पीने का पानी अलग दूसरा नहाने धोने का अलग इस से हमारे पूर्वजों के द्वारा पानी को सहेज कर रखने की सोच का पता चलता है, लेकिन पिछले समय में हम ने इन परंपरागत तरीकों भुलाकर इसे पानी समझकर इसका भरपूर दोहन किया है।

जल का दोहन : Misuse of Water 
पानी का अनावश्यक उपयोग करके उसे यूं ही जाया किया जा रहा है जिस प्रकार से उपलब्ध जल का दोहन किया जा रहा है उससे इसकी तेजी से कमी महसूस होने लगी है खासकर पिछले कई दशकों से प्रकृति के दोहन के कारण मौसम भी प्रभावित हुआ है इसका प्रभाव पृथ्वी के संचित जल कोष पर भी पड़ा है जानकारों का मानना है कि शेष बचे भंडार का प्रयोग अनावश्यक रूप से जारी रहा तो आने वाले समय में लोगों को पानी कि भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा इसीलिए हमें जल को बचाने के लिए भरपूर प्रयत्न करना चाहिए।

पानी अनमोल है :
कुदरत द्वारा दिया गया जल सीमित है ऐसे में जरूरी हो जाता है पानी के उपयोग के तरीकों को बदला जाए इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है अब अनावश्यक रूप से चलकर अधिक प्रयोग को नियंत्रित करें स्नान करने की शैली में बदलाव से अधिक पानी नलों से पानी का रिसाव होने दे पानी को सिंचाई के काम में लिया जाए ऐसे साबुन का प्रयोग ना करें जैसे पानी का ज्यादा प्रयोग होता हो स्नान से बचे पानी से कपड़े धोने की आदत बनाएं याद रखें पानी अनमोल है इस को बचाना आने वाली पीढ़ी के लिए जरूरी है।

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