Tuesday, 1 September 2020

Essay on Junk Food in Hindi Language फ़ास्ट फूड पर निबंध

Essay on Junk Food in Hindi Language फ़ास्ट फूड पर निबंध

आज के आधुनिक युग में लोगों के पास भोजन करने तक का समय नहीं है जिस वजय से व्यस्त जीवन में वह तेज़ी से फ़ास्ट फ़ूड को अपनाने लगे हैं, आजकल देखा जाए तो कामकाजी महिलाओं को छोड़ घर में काम करने वाली औरतें भी घर के काम से छुटकारा पाने के लिए फ़ास्ट फ़ूड का सहारा लेने लगीं हैं।
Essay on Junk Food in Hindi

जंक फ़ूड का चलन तेज़ी से पूरे संसार में बढ़ता ही जा रहा है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी आजकल जंक फ़ूड खाते हुए देखे जा सकते हैं। फ़ास्ट फ़ूड यानि के जंक फ़ूड धीरे धीरे हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। बच्चों पर इसका असर जल्दी देखने को मिलता है इससे उनका वजन तेज़ी से बढ़ने लगता है जिस कारण कई बीमारियां उन्हें अपनी चपेट में ले लेती हैं।

फ़ास्ट फ़ूड आजकल आसानी से हर जगह उपलब्ध हो जाते हैं और इनसे कम दाम में अच्छा ख़ासा पेट भी भर जाता है किन्तु इन्हें खाने से हमें भूख से संतुष्टि तो जरूर मिलती है पर यह हमारे पेट में पहुंचते ही नुकसान पहुँचाने लगते हैं क्योंकि इनमें कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है प्रमुख्य फास्ट फ़ूड के नाम हैं नूडल्स, बर्गर, पीजा, चिप्स, समोसा, पकोड़े आदि इन सभी में किसी भी तरह के ऐसे पौष्टिक तत्व नहीं पाए जाते हैं जिन से हमारे शरीर को लाभ पहुंच सके।

जंक फ़ूड खाने से हमारे शरीर में मोटापा बड़ी तेज़ी से बढ़ता है और मोटापे के कारण शरीर को कई प्रकार की खतरनाक बिमारियों के लगने का खतरा बन जाता है। क्योंकि जंक फ़ूड में घर के खाने की वजाय सबसे ज्यादा तेल, घी और नमक का इस्तेमाल किया जाता है इनसे हमारे शरीर में केस्ट्रोल की मात्रा बढने का खतरा बढ़ जाता है। जिससे ह्रदय से सबंधित बीमारियां होने लगती हैं।

इसीलिए हमें जंक फ़ूड से जितना हो सके दूर ही रहना चाहिए और घर का स्वच्छ और ताज़ा बना हुआ खाना ही खाना चाहिए। इसीलिए यदि आप जंक फ़ूड को आप रोजाना खा रहे हैं तो आपको यह आदत जल्द ही छोडनी होगी क्योंकि यह हमारे स्वस्थ्य को नुकसान पहुँचाने की सिवाए और कुछ नहीं करते हैं अच्छा और निरोग शरीर हमें इनसे दूर रहकर ही प्राप्त हो सकता है।

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