Wednesday, 2 September 2020

Essay on Oxygen in Hindi | ऑक्सीजन पर निबंध

Essay on Oxygen in Hindi | ऑक्सीजन पर निबंध

Essay on Oxygen in Hindi

ऑक्सीजन को प्राणवायु कहा जाता है बिना भोजन पानी के जीव जंतु कुछ समय तक जीवित रह सकते हैं परंतु ऑक्सीजन के ना मिलने पर तत्काल ही मृत्यु हो जाती है प्राणों को स्थिर या संचालित रखने के इसी गुण के कारण ऑक्सीजन प्राण वायु कही जाती है।

ऑक्सीजन एक रसायनिक तत्व है जो वास्तव में अपने प्रकार का एक अलग और महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है वातावरण में पांचवा हिस्सा अक्सीजन का ही है अक्सीजन तकरीबन सभी तत्वों के साथ मेल कर सकती है संजीवों में ऑक्सीजन, हाइड्रोजन , कार्बन और अन्य के साथ मेल से रहती है मनुष्य के शरीर के भार का 2/3 हिस्सा पूर्णता ऑक्सीजन मिले तत्वों का ही है।

सामान्य तापक्रम में ऑक्सीजन अन्य तत्वों के साथ धीरे-धीरे मेल करती है अन्य तत्वों के साथ रासायनिक क्रिया करने पर ऑक्साइड बनते हैं यह रासायनिक प्रक्रिया ऑक्सीडेशन कहलाती है इस प्रकार का ऑक्सीजन यानी प्राण वायु के साथ रासायनिक प्रक्रिया से निकला पदार्थ हर समय सभी जीवों में रहता है सजीवों में भोजन इंधन का काम करता है जब भोजन का ऑक्सीडेशन होता है तो हमें ऊर्जा मिलती है। यह उर्जा हमारे शरीर के संचालन और नए अवयवों के निर्माण में सहायक होता है जब जीव जंतुओं में इस प्रकार के धीमे ऑक्सीडेशन को आंतरिक श्वसन भी कहा जाता है।

मनुष्य अपने फेफड़ों के माध्यम से सांस लेता है फेफड़ों से यह प्राण वायु रक्त प्रभाव के साथ बहती हुई शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचती है ऑक्सीजन द्वारा मिली ऊर्जा में हमें अपने शरीर के संचालन में मदद करती है सांस लेने की तकलीफ दूर करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडरों में रखा जाता है बीमार शरीर 40 से 60% ऑक्सीजन ग्रहण करता है इस प्रकार उसे ऑक्सीजन के माध्यम से ऊर्जा प्राप्त होती है।

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