Tuesday, 1 September 2020

Essay on Penguin in Hindi पेंगुइन पर निबंध

Essay on Penguin in Hindi पेंगुइन पर निबंध

Essay on Penguin in Hindi


पृथ्वी के दक्षिणी हिस्से में बर्फ से आच्छादित भाग में बहुत कम प्राणी जीवित रह पाते हैं किंतु दो पैरों पर डोलते हुए चलने वाले बर्फीले वातावरण के अनुकूल व उड़ने में असमर्थ पक्षी पेंगुइन के लिए यह स्वर्ग है। पेंगुइन का नाम सुनते ही हम काले सफेद रंग के शरीर वाले छोटे आकार के जंतु की कल्पना करने लगते हैं वास्तव में यह पक्षी अनेक आकार और रंग वाली भी होते हैं। कलगीदार पेंगुइन को ही लीजिए जिनके सर पर नीले रंग के पंख मुकुट जैसे दिखते हैं।

सबसे छोटे आकार की पेंगुइन प्रजाति लिटल ब्लू लगभग 12 इंच की होती है तथा  सबसे लंबी प्रजाति एंपरर पेंगुइन चेताली इंच लंबी होती है।

कहां रहते हैं Penguin Birds 
पेंगुइन से उड़ तो नहीं सकते परंतु चप्पू जैसे रूपांतरित हाथ उन्हें बेहद माहिर  तैराक बनाते हैं जो अपने जीवन का 80% समय समुद्र में तैरते हुए ही बिताते हैं सभी पेंगुइन दक्षिणी गोलार्ध मे रहते हैं हालांकि यह एक आम मिथक है कि वे  सभी अंटार्टिका में ही रहते हैं वास्तव में दक्षिणी गोलार्ध मेहर महाद्वीप पर पेंगुइन पाए जा सकते हैं यह भी एक मिथक है कि पेंगुइन केवल ठंडे इलाकों में पाए जाते हैं।

क्या खाते हैं पेंगुइन :
पेंगुइन मांसाहारी है उनका आहार समुंदर में पाए जाने वाले छोटे जीव और मछलियां होती है पेंगुइन बहुत पेटू भी होते हैं कई बार तो इनके समूह इतना खाते हैं किन की आबादी के आसपास का क्षेत्र भोजन रहित हो जाता है प्रत्येक दिन  कुछ पेंगुइन तो औसत 200 बार गोता लगाकर समंदर में 120 फीट नीचे तक भोजन की तलाश में चले जाते है।

पेंगुइन के समूह को कॉलोनी कहते हैं प्रजनन ऋतु में पेंगुइन समुंदर के किनारों पर आकर बड़े समूहों में एकत्रित हो जाते हैं इन समूहों को रुकरी कहते हैं। अधिकांश पेंगुइन स मोनोगेमस होते हैं अर्थात अब प्रत्येक प्रजनन ऋतु में एक नर  और एक मादा का जोड़ा बनता है और पूरे जीवन काल तक साथ साथ रहकर प्रजनन करता है।
लगभग 5 साल की उम्र में मादा पेंगुइन प्रजनन के लिए तैयार हो जाती है ज्यादातर प्रजातियां वसंत और ग्रीष्म के दौरान प्रजनन करती है। आमतौर पर नर पेंगुइन प्रजनन में पहल करते हैं मादा पेंगुइन को प्रजनन के लिए मनाने के पूर्व ही नर घोंसले के लिए एक अच्छी जगह का चयन कर लेते हैं।

प्रजनन के बाद मादा तथा किंग पेंगुइन केवल एक ही अंडा देती है पेंगुइन की सभी अन्य प्रजातियां 2 अंडे देती है। एंपरर पेंगुइन को छोड़कर अन्य सभी प्रजातियों में अंडों को सहने का कार्य माता पिता दोनों बारी बारी से करते हैं इसके लिए वे घोंसले में अंडे को पैरों के बीच रख कर बैठते हैं एंपरर पेंगुइन में अंडा नर के जिम्मे सोम कर मादा कई सप्ताह के लिए भोजन की तलाश में दूर निकल जाती है पेंगुइन के बच्चे बड़े होकर जब अंडे से निकलने की तैयारी में होते हैं तो वह अपनी चोंच की मदद से अंडों को तोड़कर बाहर आते हैं बच्चों को भोजन देने का कार्य नर और मादा दोनों करते हैं भोजन को जमा कर मुंह से निकाल कर बच्चों को दिया जाता है बच्चों की आवाज से माता-पिता उन्हें खोज लेती है।

आज पेंगुइन की प्रजाति खतरे में मंडरा रही है अंटार्कटिका के बीच दक्षिणी हिंद महासागर के पिग दीप पर पेंग्विंस के बड़े समूह में 88% की की संख्या घट गई है विश्व के किंग पेंगुइन की एक तिहाई जनसंख्या यहीं पाई जाती है पिछले 5 दशकों से वैज्ञानिकों का एक दल हवाई और उपग्रह तस्वीरों से पेंगुइन की कॉलोनी के आकार में परिवर्तन पर निगाहें जमाए हुए था 1980 में विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाले किंग पेंगुइन के पचास हजार  प्रजनन जोड़े घटकर 2018 में सिर्फ 60 हजार जोड़े तक सीमित हो गए हैं।

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