Wednesday, 2 September 2020

Essay on Rainy Season in Hindi वर्षा ऋतू पर निबंध

Essay on Rainy Season in Hindi वर्षा ऋतू पर निबंध

बारिश के आ जाने से हमारा मन और तन दोनों खुश हो जाते हैं यह ऋतू ऐसी ऋतू है जो सभी का मन मोह लेती है क्योंकि यह हमें तेज़ गर्मी से राहत दिलाती है सभी क्लास के बच्चों के लिए आज हम वर्षा ऋतू से संबंधित लेख लेकर आये हैं उम्मीद है आपको पसंद आएगा :

Essay on Rainy Season in Hindi



वर्षा ऋतू पर निबंध (100 शब्दों में)

बारिश का मौसम हमारे लिए ढेर सारी खुशियां और मनमोहक मौसम लेकर आता है। भारत में तो वर्षा ऋतु का विशेष महत्व है क्योंकि जह वहां की सबसे महत्वपूर्ण ऋतु है। बारिश का जी मौसम भाषण श्रावण और भादो मास में मुख्य रूप में से होता है। मुझे तो बारिश का मौसम बेहद पसंद है क्योंकि जय भारत के चार ऋतु में से सबसे मनमोहक और प्यारी ऋतु होती है। वर्षा ऋतु गर्मियों के मौसम में आती है जो साल की सबसे गर्म मौसमों में एक होती है। तेज धूप और भयंकर गर्मी के चलते चारों तरफ हाहाकार मच जाती है लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंड आ जाना नींबू का रस और गन्ने का रस आदि पीते हैं, किंतु असली मजा तो बारिश के मौसम में ही आता है बारिश का मौसम आ जाने से चारों तरफ का वातावरण ठंडा हो जाता है ठंडी हवाएं चलने लगती है।

बारिश का जी मौसम जून जुलाई के महीने में आता है और लगभग 3 महीने तक रहता है इन 3 महीनों में जोर जोर की बारिश या फिर रुक-रुक कर बारिश होती रहती है। बारिश के इस मौसम में आप पके हुए आम का लुत्फ भी उठा सकते हैं। इस मौसम के दौरान अकाश में काले और घने बादल छाए रहते हैं और तेज हवाएं चलने लगती है काली घटा छाने लगती है उस वक्त का मौसम बड़ा ही सुंदर दिखाई देता है। हर कोई बच्चों से लेकर बड़ों तक इस मौसम का आनंद उठाता है।

वर्षा ऋतु पर निबंध (150 शब्दों में)

हमारा भारत औरतों का देश कहा जाता है क्योंकि जहां पर बहुत सारी ऋतु में आती जाती रहती हैं किंतु हर ऋतु की अपनी अपनी खास विशेषता है और इसका खास महत्व है। इनमें से वर्षा ऋतु का भी सभी ऋतु में से खास महत्व होता है।

वर्षा ऋतु के आ जाने से चारों तरफ ठंडी ठंडी हवाएं चलने लगती है और चारों तरफ धरती हरी-भरी दिखाई देने लगती है किसानों को तो वर्षा ऋतु का बेसब्री से इंतजार रहता है। कब वर्षा ऋतु आएगी और उनकी फसलों को पानी मिलेगा। वर्षा ऋतु के आ जाने से तेज तपती धूप से राहत मिलती है और आंखों को सुकून मिलता है। गर्म हवाओं की जगह ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो जाती है। वर्षा ऋतु के मौसम में बहुत सारी दीवार भी बनाए जाते हैं जैसे रक्षाबंधन का त्योहार 15 अगस्त महाशिवरात्रि सावन आदि । बारिश के मौसम में लोग अपने घरों में खूब पकवान बनाकर खाते हैं जैसे पकोड़े ।

भारत में वर्षा ऋतु का आगमन लगभग जुलाई के महीने में हो जाता है मानसून 1 जुलाई को पूरे भारत में फैल जाती है। मानसून की ठंडी ठंडी हवाएं पूरे देश में चलनी शुरू हो जाती है हिंदी महीनों के मुताबिक बांस का यह मौसम आषाढ़ और श्रावण महीने में आता है। सभी लोगों को वर्ष के इस मौसम का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है। वर्षा ऋतु के आगमन से मौसम में काफी परिवर्तन देखने को मिलता है चारों तरफ साफ सुंदर और शीतल वातावरण दिखाई देता है।

वर्षा ऋतू पर निबंध (200 शब्दों में)

बारिश के मौसम ऋतुओं का राजा कहा जाता है वर्षा ऋतु गर्मी के लगभग 2 महीनों के पश्चात शुरू होती है बारिश का मौसम भारत के लोगों के लिए काफी महत्व रखता है क्योंकि इन्हीं दिनों भारत में गर्मी का मौसम होता है लोग गर्मी से बेहाल हो रहे होते हैं और बारिश का मौसम शुरू होते ही उनकी जान में जान आती है। भारत का जी मौसम में कुछ सुखद अनुभव दिलाता है।

किसानों के लिए तो बारिश का मौसम वरदान के सामान होता है। वर्षा के शुरू होते ही किसानों की फसलों को पानी में ले लगता है जिससे फसलें बढ़ने और फूलने लगती है क्योंकि तेज गर्मी और धूप से फसलें भी मुरझा जाती है।बारिश का मौसम तो धरती के सभी प्राणियों के लिए एक नया जीवन लेकर आता है चाहे फिर वह इंसान हो पोते हो या फिर जानवर हों। भगवान इंद्र को बारिश का राजा माना जाता है इसलिए ज्यादातर लोग बारिश के लिए इंद्र देव की पूजा अर्चना करते हैं।

वर्षा ऋतु का मौसम शुरू होते ही छोटे-छोटे बच्चे बारिश में खूब नाचते खेलते और भेजते हैं और मौज मस्ती करते हैं। जय मौसम आ धरती के हर प्राणी के लिए खुशी का मौसम होता है चारों तरफ ठंडी हवाएं और ठंडी ठंडी बारिश की बूंदे चारों तरफ का वातावरण ठंडा और मनमोहक हो जाता है। हमारा पर्यावरण सांप और सुंदर दिखाई देने लगता है। बारिश का यह मौसम एक अलग ही अनुभव कराता है।

वर्ष ऋतू निबंध 250 शब्दों में :

वर्षा ऋतू की शुरुयात भारत में जुलाई के महीने से हो जाती है तकरीवन यह बारिश का मौसम सितम्बर महीने तक चलता है यह मौसम अत की गर्मी के बाद एक सुकून लाता है, केवल इंसान के द्वारा ही नहीं वर्षा ऋतू का इंतज़ार किया जाता बल्कि पशु –पक्षी , पेड़ –पौधों को भी बारिश के मौसम का इंतज़ार रहता है इसीलिए यह मौसम सभी प्राणियों के लिए आनंदमयी होता है

वर्षा ऋतू शुरू होते ही आकाश में बादल ही बादल दिखाई देते हैं, घने –घने काले बादल बारिश लेकर आते हैं इसके साथ –साथ ठंडी – ठंडी हवाएं चलने लगती हैं पूरा वातावरण धूल –मिट्टी से साफ़ हो जाता है चारों तरफ हरियाली छाने लगती है आकाश में उड़ते हुए बादल दिखाई देते हैं जो काले , सफेद जा फिर भूरे होते हैं

पेड़ – पौधों पर नयी पत्तियों से भर जाते हैं चारों तरफ हरे लहराते हुए खेतों में ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी ने धरती पर हरे रंग की चादर बिछा दी हो, जलाशयों जैसे नदी , तालाब , झीलें पानी से भर जाते हैं प्यासे पेड़ –पौधों की प्यास बुझ जाती है वह बढ़ने –फूलने लगते हैं, गर्मी से बेहाल लोगों को राहत मिलती है, यहाँ इस ऋतू के इतने सारे फायदे हैं तो इसके कुछ नुकसान भी होते हैं इस ऋतू के दौरान देश के कुछ ऐसे हिस्से भी हैं जहां उम्मीद से ज्यादा बारिश होती है जिस कारण वहां बाढ़ आ जाती है लोगों को अपने घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ता है काफी नुकसान भी उठाना पड़ता है वर्षा ऋतू के कारण जगह – जगह पानी जमा हो जाता है जिस कारण कई संक्रमन बिमारियों के फैलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है मच्छर ज्यादा हो जाता है

वर्षा ऋतू पर निबंध (700 शब्दों में)

सावन और भादो के महीनों में वर्षा ऋतु का आगमन शुरू हो जाता है यह वह समय होता है जब मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय होती है जब लोगों को कड़कड़ाती हुई तेज धूप और गर्मी से राहत मिलती है। वर्षा ऋतु के पहले भारत के सभी स्थानों पर तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और दिन के समय तो बाहर निकलना भी काफी मुश्किल हो जाता है हर तरफ गर्मी के कारण त्राहि-त्राहि मची होती है।

लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे जल और नींबू का रस गन्ने का रस आदि पीते हैं। इस वक्त तो लोगों को बारिश के मौसम का इंतजार रहता है कि कब बारिश आएगी और कब इस गर्मी से राहत मिलेगीइंसान ही नहीं बल्कि धरती पर रहने वाला हर प्राणी वर्षा ऋतु का बड़ी बेसब्री से इंतजार करता है।

गर्मी में तापमान इतना बढ़ जाता है कि सभी नदी तलाब और झरनों नदी का पानी धीरे-धीरे सूखने लगता है जिस कारण जीव जंतुओं को पानी बहुत तक मुश्किल से मिल पाता है बरसाना होने के कारण पेड़ पौधे भी सूखने लगते हैं क्योंकि उन्हें पानी नहीं मिल पाता।

वर्षा ऋतु का महत्व:
भारत में तू वर्षा ऋतु का बहुत ज्यादा महत्व है क्योंकि ज्यादा गर्मी के दिनों में बारिश होती है तो धरती का कण कण लहरा उठता है। गर्मी के दिनों में पहली बरसात होने के बाद धरती की प्यास बुझती है और धरती से सोंधी सोंधी खुशबू वाणी लगती है। पेड़ पौधों पर नए पत्ते और फल आने शुरू हो जाते हैं। बारिश की ठंडी ठंडी हवा चारों तरफ फैल जाती है।

हमारे देश में सर्दी की बजाय गर्मी ज्यादा और अधिक समय लई पड़ती है। गर्मी के दिनों में तो भारत के लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है देश के कई इलाके तो ऐसे हैं जब गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है तो पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच जाती है इसलिए जब बारिश का मौसम शुरू हो जाता है तो पानी की किल्लत दूर हो जाती है लोगों को साफ और स्वच्छ पानी मिल पाता है।

हमारे भारत देश में ज्यादातर लोगों खेती-बाड़ी का धंधा करते हैं उनकी रोजी-रोटी का साधन ही खेती पर ही निर्भर करता है इसलिए कहा जाए की खेती का हमारे देश के लोगों के लिए खास महत्व है और इन्हीं दिनों किसानों की फसलों के लिए बारिश बेहद जरूरी होती है। इसलिए इन महीनों में होने वाली बारिश किसानों के लिए अमृत के समान होती है इस बार शक के कारण ही किसानों की फसलें बढ़ने और फूलने लगती है जितनी ज्यादा अच्छी बारिश होगी उतनी ही किसानों को ज्यादा फायदा होगा किसानों की फसलों की उपज ज्यादा होगी जो कि देश के लिए सबसे बड़े फायदे की बात होती है।

वर्षा ऋतु के दौरान ज्यादा बारिश हो जाने से नदी नाले तालाब आदि पानी से लबालब भर जाते हैं जिस कारण धरती पर रहने वाले सभी जीव जंतुओं को पानी मिल पाता है। सही समय पर होने वाली बारिश के चलते हमारी धरती का भूजल स्तर भी बढ़ने लगता है और इसके कार नहीं बढ़ती हुई गर्मी से भी राहत मिलती है चारों तरफ ठंडी ठंडी हवाएं चलती है आकाश में घने बादल छाए रहते हैं। अच्छी बारिश होने पर किसानों की फसल अच्छी होती है और सभी को खाने के लिए और अनाज मिल पाता है और किसानों को भी अच्छी खासी कमाई हो जाती है।

मॉनसून की बारिश से कई बार दिक्कतों का सामना भी करना पड़ जाता है यदि बाहर से कुछ ज्यादा हो जाए तो वह बाढ़ के रूप में हमारा सब कुछ तहस-नहस कर जाती है बाढ़ के कारण किसानों की अच्छी खासी फसलें बर्बाद हो जाती है और ज्यादा बारिश होने के कारण संक्रमण से संबंधित बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। किंतु फिर भी वर्षा ऋतु का हमारी जिंदगी में खास महत्व है जो कि हमारे जीवन में अतुलनीय है।

निष्कर्ष :
हमारी जिंदगी में सभी रत्नों का विशेष महत्व है किंतु सबसे ज्यादा खास महत्व हमारा वर्षा ऋतु का है जिस वजह से पृथ्वी पर संपूर्ण जीवन प्रणाली चलती है किंतु कभी-कभी ज्यादा बारिश के कारण हानि भी हो जाती है लेकिन वर्षा ऋतु फिर भी हमारी जिंदगी में खास महत्व रखती है।
समय सिर वर्षा ऋतु को बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाने चाहिए और हमें जान को सहेज कर रखना चाहिए।

"Essay on Rainy Season in Hindi 1000 words"

ऋतुओं का राजा कहलाता है वर्षा ऋतु। कड़कड़ाती गर्मी और तेज धूप से राहत दिलाने के लिए जून और जुलाई के महीने में इस ऋतु का आगमन शुरू हो जाता है। जिससे लोगों को गर्मी से बहुत राहत महसूस होती है वर्षा ऋतु बड़ा ही सुहावना मौसम होता है। इस मौसम के आते ही लोगों में खासकर किसानों में खुशियों की लहर दौड़ पड़ती है। यह सिर्फ गर्मी से ही राहत नहीं दिलाता बल्कि जे खेती के लिए भी एक वरदान साबित होता है। क्योंकि एक अच्छी फसल उगाने के लिए हमेशा बरसा की ज्यादा जरूरत पड़ती है। यदि वर्षा नहीं होगी तो फसल मुरझाने लगेगी और जिससे अच्छी उपज नहीं हो पाएगी।

वर्षा ऋतु के आते ही जनजीवन को राहत मिलती है गर्मी और लू समाप्त हो जाती है बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी इसरी तू का आनंद उठाते हैं। बारिश के मौसम में छोटे-छोटे बच्चे नहाते हुए पानी में कागज की नाव तैरते हैं। चारों तरफ आकाश में बादल ही बादल छाए रहते हैं।

जलाशयों जैसे तालाब , नदियां, बांध इत्यादि सभी पानी से भर जाते हैं। पर्यावरण में हरियाली छाने लगती है और ठंडी ठंडी हवा के झोंके मानव में एक नई ताजगी और खुशबू लेकर आते हैं। धरती पर हरी हरी घास उगने लगती है पेड़ पौधों को बारिश का पानी मिल जाता है जिस कारण वह अपनी प्यास बुझाते हैं वर्षा ऋतु के आने से पृथ्वी पर एक नए जीवन का संचार होता है। हर तरफ रंग बिरंगे सुंदर सुंदर फूल खिलने शुरू हो जाते हैं।

वर्षा ऋतु के लाभ :

किसान भाइयों के लिए तो बारिश का मौसम किसी वरदान से कम नहीं कहा जा सकता क्योंकि गर्मियों के मौसम में किसानों को अपने फसलों के लिए ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है ज्यादा तेज धूप के कारण फसल को सही से पानी नहीं मिल पाता और बारिश का मौसम आते ही खेतों में फसलों को पानी मिल जाता है और साथ ही साथ यह बारिश का मौसम फसलों को तेज गर्मी और लोगों से भी बचाता है।

इसके अलावा गर्मी के मौसम में किसान दिन भर अपने खेतों में काम करता है और इतनी तपती तेज धूप में काम करना बहुत मुश्किल हो जाता है और बारिश का मौसम आते ही मौसम ठंडा और काम करने लायक बन जाता है जिसका हमारे किसान भाई आसानी से अपने खेतों में काम कर सकते हैं। बारिश का मौसम आते ही किसानों के चेहरों पर एक मुस्कान देखने को मिलती है क्योंकि उनके द्वारा उगाई गई बांसवाड़ा जैसे फल , सब्जियां, गेहूं इत्यादि भरपूर मात्रा में होने लगते हैं।

हमारे पृथ्वी के पर्यावरण को सही ढंग से चलाने के लिए बारिश का होना बेहद लाजमी है अगर बारिश नहीं होगी तो पूरा वातावरण तंत्र बिगड़ जाएगा चारों तरफ पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा पानी की किल्लत से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

इसलिए वर्षा ऋतु के आते ही पूरा पर्यावरण खिल - खिला उठता है चारों तरफ ठंडी ठंडी हवा के झोंके मन में उत्साह पैदा करते हैं पर्यावरण में उड़ने वाली धूल मिट्टी आती सभी बारिश के पानी से खत्म हो जाती है और हमारा पर्यावरण साफ सुथरा हो जाता है। बारिश के पानी के साथ ही धरती पर नए पेड़ पौधे उगने शुरू हो जाते है।

कड़कड़ाती गर्मी के चलते पेड़ पौधे और घास सूखने लगती है और इसके साथ साथ ही तलाब नदियों और झीलों का पानी भी सूखने लगता है जिस कारण जीव जंतुओं को खाने के लिए भी कुछ नहीं मिल पाता और पीने के लिए पानी भी बड़ी मुश्किल से मिलता है इस वजह से धीरे-धीरे जीव जंतु और पशु पक्षी पानी की कमी के चलते उनका बहुत बुरा हाल हो जाता है। किंतु वर्षा ऋतु के शुरू होते ही यह सब कुछ समाप्त हो जाता है तालाबों नदियों और झीलों में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है जिस कारण जंगल में रहने वाले जीव जंतु को पानी आसानी से मिल जाता है सूखे हुए पेड़ पौधे भी हरे भरे होने शुरू हो जाते हैं और फलों के पेड़ों पर फल लगने शुरू हो जाते हैं। इसीलिए बारिश के मौसम के आ जाने से पानी की कमी तो दूर होती ही है और खाने की कमी भी दूर हो जाती है जिस कारण जीव जंतुओं के लिए अमृत के समान काम करती है जो हमारी वर्षा ऋतु।

गर्मी के मौसम के चलते पानी की मात्रा ज्यादा खर्च होती है दिन भर देना धरती से काफी मात्रा में पानी निकाला जाता है और मानव जाति के द्वारा पानी का अधिक दोहन किया जाता है जिस कारण धरती से पानी की मात्रा लगातार कम होती जा रही है। परंतु बारिश का मौसम आते भू जल स्तर बढ़ने लगता है और धरती का तापमान भी कम होने लगता है।

हमारे देश में ज्यादातर लोग खेती पर ही निर्भर है इसलिए ज्यादातर आमदनी खेती के द्वारा ही होती है और जिस वर्ष अच्छी बारिश नहीं होती इस साल सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने शुरू हो जाते हैं और व्यापार धीमी गति से चलने लगता है, किंतु वर्षा ऋतु के आ जाने से किसानों की फसलों को काफी फायदा मिलता है अच्छी पैदावार होती है जिससे किसानों को अच्छी आमदनी भी होती है और वह बाजार में आकर नहीं नहीं बस तुम्हें भी खरीदते हैं जिससे धंधे में तेजी बढ़ने लगती है।

वर्षा ऋतु की हानियां (नुकसान):

जहां वर्षा ऋतु कितने सारे फायदे हैं वहीं इसके कई नुकसान भी देखने को मिलते हैं देश में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां बारिश बहुत ज्यादा होती है और ज्यादा बारिश हो जाने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है जिस कारण वहां के किसानों की फसलें और घर बाढ़ में क्षति ग्रस्त हो जाते हैं किसानों की फसलें तबाह हो जाती है लोगों के घरों में पानी चला जाता हैजिससे वहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है काफी जान माल का भी नुकसान होता है।

बारिश का मौसम आने से मौसमी बीमारियां भी बहुत अधिक बढ़ने लगती है ज्यादा बारिश के कारण सड़कों तालाबों और गड्ढों में पानी जमा हो जाता है जिस कारण मलेरिया त्वचा के रोग आदि कई संक्रमण बीमारियां फैलने लगती है। साफ सफाई का ध्यान रखकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
ज्यादा बारिश के आ जाने से भूमि का कटाव होना शुरू हो जाता है जिस कारण उपजाऊ मिट्टी बारिश में बैठ कर चली जाती है जो कि हमारे वातावरण और फसलों के लिए अच्छी नहीं होती। आजकल भूमि का कटाव ज्यादा तरह देखने को मिल रहा है क्योंकि मनुष्य के द्वारा जंगलों की कटाई करने से भूमि का कटाव ज्यादा होता है जिसका नदी क्वार्ट्ज के कारण उपजाऊ मिट्टी बह कर चली जाती है।

वर्षा ऋतु के त्योहार :
वर्षा ऋतु का मौसम आज आने के पश्चात हमारे देश में जैसे त्योहारों की झड़ी लग जाती है वर्षा ऋतु के दरमियान कई तिहार मनाई जाती है जैसे तीज का त्यौहार , रक्षाबंधन का त्यौहार स्वतंत्रता दिवस का इतिहास इत्यादि। वर्षा ऋतु के आगमन से ही भारत में त्योहारों की शुरुआत होने लगती है क्योंकि ज्यादातर त्यौहार इस ऋतु के पश्चात ही आते हैं।

उपसंहार :
वर्षा ऋतु एक ऐसा मौसम होता है जिसकी वजह से पृथ्वी पर रहने वाले हर प्राणी के जीवन में हर्षोल्लास की लहर दौड़ पड़ती है। इस मौसम के आ जाने से चारों तरफ का वातावरण मनमोहक दृश्य दिखाई देने लगता है चारों तरफ हरियाली ही हरियाली और शांति भरा वातावरण हो जाता है।


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