Tuesday, 1 September 2020

Essay on Rose Flower in Hindi : फूलों का राजा गुलाब पर निबंध

Essay on Rose Flower in Hindi : फूलों का राजा गुलाब पर निबंध

Essay on Rose Flower in Hindi
गुलाब फूलों का राजा है इसका रूप और सुगंध मन को मोह लेती है। यह सुंदर सा फूल ना जाने हमारे क्तिने कामों में काम आता है। गुलाब एक ऐसा फूल है जो दवाओं के इस्तेमाल में , सुगन्धि के लिए और पूजा के लिए प्रयोग किया जाता है। इसीलिए इस फूल की महत्ता को देखते हुए हर वर्ष 22 सितम्बर को गुलाब दिवस मनाकर इसका आभार प्रगट किया जाता है।

गुलाब का फूल (Rose Flower) कंटीली झाडी पर लगता है गुलाब की बहुत सारी किस्में पायी जाती हैं। इसके इलावा गुलाब का फूल बहुत सारे रंगों में पाया जाता है लाल ,पीला गुलाबी और काला। गुलाब भारत का फूल है और यह ईरान देश में भी पाया जाता है।

गुलाब की पंखुड़ियों से गुलाबजल , इत्र आदि तैयार किये जाते हैं। इसके इलावा गुलाब से गुलुकन्द भी बनाया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है।

गुलाब का पौधा खुली हवादार जगह में उगता है इसे धूप और पानी की जरूरत पडती है। कई महीनों के पश्चात गुलाब के पौधे पर बहुत सारे सुंदर -सुंदर फूल खिलते हैं भला गुलाब का फूल किसे अच्छा नहीं लगता इसीलिए यह फूलों का राजा है।

गुलाब के रंग - गुलाब का फूल बहुत सारे रंगों में पाया जाता है जैसे लाल गुलाब , सफेद गुलाब , गुलाबी गुलाब , पीला गुलाब , काला गुलाब , बैंगनी आदि। गुलाब इतना सुंदर और आकर्षित होने की वजह आम तौर पर इसे शादी और बड़े-बड़े उत्सव और त्यौहारों में उपयोग किया जाता है। गुलाब के सुंदर फूल से बहुत सारी सुगंधित इत्र भी तैयार किए जाते हैं इसके अलावा इस फूल में बहुत सारे औषधि गुण भी मौजूद होते हैं जो कई प्रकार की घातक बीमारियों के इलाज में इसका प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग चेहरे की त्वचा के लिए बहुत ही गुणकारी माना गया है।

गुलाब का पौधा एक झाड़ीदार और कंटीला होता है जिसमें बहुत सारे सुंदर - सुंदर फूल लगते हैं। मौसम के अनुसार गुलाब को दो भागों में बांटा गया है एक सदाबहार गुलाब और दूसरा चैती। सदाबहार गुलाब हर मौसम में उगता है और चैती गुलाब बसंत ऋतु में ही उगता है इस में विशेष प्रकार की सौगंध होती है और वही इत्र दवा के काम भी आता है।

प्रेम का प्रतीक गुलाब - भारत में हिमाचल , उत्तर प्रदेश , राजस्थान और चित्तौड़ राज्यों में गुलाब की खेती की जाती है। गुलाब के फूल से गुलाब जल तैयार किया जाता है जब किस की पंखुड़ियों से गुलकंद बनाया जाता है। इसके अलावा गुलाब का फूल पूजा में प्रयोग किया जाता है। हर वर्ष 7 फरवरी को गुलाब दिवस मनाया जाता है इसलिए ज्यादातर प्रेमी अपनी प्रेम का इजहार करने के लिए गुलाब का फूल देकर करते हैं।

लाल गुलाब को सच्चे प्रेमी का प्रतीक माना जाता है। सफेद गुलाब का फूल शान्ति और अपनी शुद्धता के लिए जाना जाता है। पीला गुलाब दोस्ती के लिए जाना जाता है। यदि आप किसी से दोस्ती करना चाहते हैं तो आप पीला गुलाब देकर अपनी दोस्ती का इजहार कर सकते हैं। गुलाबी फूल किसी खास की प्रसंशा और तारीफ़ करने के लिए दिया जाता है यह फूल आप अपने किसी ख़ास मित्र जा किसी ख़ास person को दे सकते हैं। इसके इलावा ऑरेंज रंग का गुलाब उत्साह और आपके मोह को दर्शाता है इसीलिए अपनी फीलिंग्स को दर्शाने के लिए यह सबसे अच्छा माध्यम है। लाल रंग के गुलाब को प्यार का प्रतीक समझा जाता है।

गुलाब से शिक्षा - गुलाब का तना हमेशा जड़ से लेकर ऊपर तक कांटों और फूलों से भरा रहता है। फिर भी यह सबके चेहरों को महकाने वाला होता है यह सभी को पसंद होता है। हमें इस फूल से एक अच्छी शिक्षा भी मिलती के यह इतने कांटों के बावजूद भी हमेशा खिला रहता है मुस्कराता रहता है यह अपना बलिदान देकर दूसरों को खुश रखता है लोग इन्हे अपने घरों और फूलों की माला में पिरो देते हैं यह फूल काटों में भी खुश रहा सकता है तो हम लोग थोड़े से दुःख - तकलीफ में भी बड़े उदास हो जाते हैं और घबरा जाते हैं के यह हम से नहीं हो पाएगा किन्तु यह फूल लाखों काटों को समेटे हुए भी हमेशा खिले रहते हैं जबकि हम लोग इन्ही सुंदर फूलों को तोड़कर इन्हे दुख पहुंचाते हैं किन्तु यह फिर भी खिले रहते हैं। इसीलिए हम भी इन्ही फूलों से शिक्षा लेकर अपने अंदर सुधार कर सकते हैं के हमें कभी भी अपने दुख - तकलीफों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए हमेशा उनका डटकर सामन करना चाहिए। हमें कभी किसी भी फूल को तोडना नहीं चाहिए फूल तो टहनी पर ही खिला हुआ अच्छा लगता है न के तोडा हुआ।

Rose Flower information in Hindi

गुलाब एक भारतीय सुंदर पुष्प है भारत में इस फूल की खेती की जाती है। इस फल को वैज्ञानिक भाषा में रोजा हाइब्रिड कहा जाता है। एक आम गुलाब का फूल गुलाबी रंग का होता है। किंतु इसे बहुत सारे रंगों में उगाया जा सकता है। जैसे लाल रंग का गुलाब, पीले रंग का और सफेद रंग , काले रंग , संतरी रोज आदि और भी बहुत सारे रंगों में पाया जाता है। गुलाब का फूल सबके मन को मोह लेने वाला फूल होता है यह सब को अच्छा लगता है। गुलाब का फूल देखने में तो सुंदर होता ही है इसके साथ ही इसमें बहुत सारे औषधि गुण भी मौजूद होते हैं। इसके अलावा गुलाब के फूल की सौगंध नजदीक के वातावरण को महका देती है। इसकी खुशबू चारों तरफ फैल जाती है।

गुलाब की खासियत - गुलाब के फूल का स्वाद खुशबूदार और हल्का तीखा सा होता है। गुलाब का पौधा कंडे दार झाड़ियों वाला पौधा होता है जिस पर तीखे कंडे ऊगे होते हैं। इतने कंडे होने के बावजूद भी इस पर इतने सुंदर फूल लगते हैं। गुलाब का फूल दो तरह का होता है एक जो 12 महीने उगता है और दूसरा जो एक मौसम में आता है। मौसमी फूल मार्च-अप्रैल के महीनों में होता है जब के इसमें सौगंध ज्यादा होती है जब के बारहमासी गुलाब का फूल साल भर तक फूल निकालता है।

भारत में गुलाब की अनेक प्रजातियां देखने को मिलती है जो ज्यादातर पर्वत श्रंखला में पाई जाती है गुलाब की खेती मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश , राजस्थान अलीगढ़ और तमिलनाडु में लगभग 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होती है। इसके अलावा गुलाब की खेती पंजाब , दिल्ली , चंडीगढ़ , गुजरात और हिमाचल प्रदेश मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी कुछ भागों में की जाती है। गुलाब का फूल बाकी सभी फूलों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है इसका पौधा ऊंचाई में 4 से 6 फुट का होता है इस के तने में कांटे लगे होते हैं। गुलाबी रंग का फूल सबसे अधिक पाया जाने वाला फूल होता है।

स्कूल का इस्तेमाल भी सबसे ज्यादा किया जाता है। इसका फल अंडाकार आकार का होता है इसका तना कांटेदार और बहुत सारी पत्तियां से लदा होता है पत्तियों के किनारे हल्के से दांतेदार होते है।


गुलाब औषधि - गुलाब का फूल एक ऐसी औषधि है जो कई प्रकार की दवाइयां बनाने में इस्तेमाल की जाती है गुलाब की पंखुड़ियों से गुलाब जल तैयार किया जाता है गुलाब जल आंखों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा इत्र (perfume) जो गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया जाता है। गुलाब की पंखुड़ियों से गुलकंद भी तैयार किया जाता है। गुलाब के फूल को लोग मंदिरों और गुरुद्वारों में भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को गुलाब का फूल बेहद प्रिय था वह हमेशा अपने शेरवानी में इसे लगाकर रखते थे।

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