Tuesday, 1 September 2020

Ped Paudhe Aur Hum Essay in Hindi : पेड़ पौधे और हम

Ped Paudhe Aur Hum par Hindi Nibandh(Essay)

आदिकाल से ही मानव और प्रकृति का आपसी गहरा रिश्ता रहा है। मनुष्य ने कुदरत की गोद में जन्म लिया और उसकी मदद से ही उसका विकास हुआ वह प्रकृति में रहकर ही पला और बड़ा हुआ। कुदरत द्वारा हमेशा मानव की रक्षा की गयी है। ।Ped paudhe aur hum essay
प्राचीन समय में मानव जंगलों में रहकर वृक्षों के मीठे फ़ल , पत्तियां आदि खाया करता था और पेड़ों की छाल से वह अपने शरीर को तपती धूप जा ठंड से बचाकर रखता था। वृक्षों ने ही तूफ़ान और तेज़ बारिश से मानव की रक्षा की है। इसके इलावा जानलेवा जानवरों से बचने के लिए मनुष्य पेड़ों पर चढ़कर अपनी जान बचाया करता था। इसीलिए जंगल मानव की हमेशा रक्षा करते आ रहे हैं।

इसीलिए मनुष्य के जीवन में पेड़ों की एहम भूमिका है। सदा से पेड़ -पौधे मानव के मित्र रहे हैं। जिस प्रकार मानव और सभ्यता का विकास होता गया और देखते ही देखते पेड़ों की आवश्यकता बढ़ती गयी मानव ने अपनी जरूरत के लिए पेड़ों की कटाई करनी शुरू कर दी। मानव द्वारा अपने घरों , कारखानों और चीज़ों को बनाने में पेड़ों का प्रयोग किया जाने लगा जिस कारण लकड़ी की मांग लगातरा बढ़ने लगी।

आधुनिक समय में बहुत ज्यादा कारखाने लगाए जा रहे हैं लगातरा वाहनों की संख्या बढ़ रही है जिस कारण लगातार वातावरण गंधला होता जा रहा है और कई प्रकार किया बीमारियां फ़ैल रही हैं वहीँ वृक्ष फ़ैलते हुए प्रदूषण को कम करते हैं और पेड़ों से कई प्रकार की औषधियां तैयार की जाती हैं वृक्ष हमारे लिए शुद्ध हवा छोड़ते हैं बस जरूरत है हमें वृक्षों कि कटाई पर रोक लगानी होगी ज्यादा से ज्यादा पेड़ -पौधे लगाने होंगे।


पढ़ें -

SHARE THIS

Author:

EssayOnline.in - इस ब्लॉग में हिंदी निबंध सरल शब्दों में प्रकाशित किये गए हैं और किये जांयेंगे इसके इलावा आप हिंदी में कविताएं ,कहानियां पढ़ सकते हैं

0 comments: