Wednesday, 2 September 2020

Poem on Clouds in Hindi

Poem on Clouds in Hindi

Poem on Clouds in Hindi


कैसे भला बरसता जमकर
पानी जे झम - झम
श्यामल -श्यामल बादल कहते
अगर न होते हम।
वर्षा से होती हरियाली
जीत -जगत को मिलता जीवन
गोद भरा करती धरती की
धन्य हुआ करते वन -उपवन
मई और जून तवे सरीखे
बीते बहुत गर्म।
पर्यावरण रहेगा अच्छा
तभी अच्छे दिन आएंगे
ताल -तलैया, नदी और झरने
और कुएं भी भर जाएंगे।
आसमान में कैसे वजट
बाजे ढम -ढम
श्यामल -श्यामल बादल कहते
अगर न होते हम।
लेखक - राजा चौरसिया

पढ़ें - गांव पर कविता

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