Wednesday, 2 September 2020

Poem on Koyal in Hindi | कोयल पर कविता

Poem on Koyal in Hindi | कोयल पर कविता
 
poem on koyal in Hindi
कोयल रानी कोयल रानी
तेरी बोल में है मधुर वाणी
जिसे सुबह तुम पेड़ों पर
आकर डेरा जमाती हो
अपनी मधुर मई संगीत से
हम सबको गीत सुनाती हो
तुम्हारी गीतों को सुनकर
आम की डाली झूम कर
पवन का झोंका लाता है।
नीरस हो रहे जीवन को
सरस जीवन बनाता है।
तूने सारे मिथ्य को तोड़कर।
कराती हो अपनी पहचान
चिड़ियों में सबसे काली
बोल तेरी मधुरमय वाणी
बच्चों को लगती हो प्यारी
तभी कहलाती कोयला रानी।
नितेश कुमार सिन्हा
 
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